Monday, 22 August 2011

जन्माष्टमीयह एक प्रसिद्ध गीत है कि लोगों को जन्माष्टमी, प्रभु कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार (अवतार) के जन्म की सालगिरह के अवसर पर गाते की है. यह धार्मिक त्योहार पूरे भारत में कृष्ण पक्ष की अष्टमी या Bhadon के महान भक्ति और उत्साह के साथ हिंदू कैलेंडर के अनुसार माह में आठवें दिन पर अगस्त / सितंबर के महीने में मनाया जाता है. जन्माष्टमी Gokulashtami, Krishnasthami, Srijayanti के रूप में भी जाना जाता है. Janmashtami.jpg जन्माष्टमी, मथुरा और वृंदावन के स्थानों पर जहां भगवान कृष्ण अपने बचपन बिताया था, सारी दुनिया में मशहूर हैं. दुनिया भर से भक्तों इन धर्मपरायण स्थानों पर आने के लिए Janmasthami का जश्न मनाने. इस शुभ अवसर पर मंदिरों और घरों का खूबसूरती से सजाया जाता है प्रबुद्ध. नाइट लंबे समय प्रार्थना की पेशकश कर रहे हैं और मंदिरों में धार्मिक भजन गाए जाते हैं. याजकों मंत्र पवित्र मंत्र और स्नान Panchamrit के साथ मूर्ति जो Gangajal (पवित्र गंगा नदी से पानी) शामिल हैं, दूध, घी (मक्खन), दही, और शहद एक शंख से इन सब डालने के लिये. इस स्नान के बाद शिशु कृष्ण (भी Balmukund रूप में जाना जाता) की मूर्ति को पालने में रखा गया है. भक्ति गीत और नृत्य उत्तर भारत में इस उत्सव के अवसर के उत्सव के निशान. विशेष रूप से वृन्दावन में मंदिरों के इस अवसर पर एक असाधारण और रंगीन उत्सव गवाह हैं. Raslila कृष्ण के जीवन की घटनाओं को विश्राम और राधा के लिए अपने प्यार को मनाने के लिए किया जाता है.

यह एक प्रसिद्ध गीत है कि लोगों को जन्माष्टमी, प्रभु कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार (अवतार) के जन्म की सालगिरह के अवसर पर गाते की है. यह धार्मिक त्योहार पूरे भारत में कृष्ण पक्ष की अष्टमी या Bhadon के महान भक्ति और उत्साह के साथ हिंदू कैलेंडर के अनुसार माह में आठवें दिन पर अगस्त / सितंबर के महीने में मनाया जाता है. जन्माष्टमी Gokulashtami, Krishnasthami, Srijayanti के रूप में भी जाना जाता है.

जन्माष्टमी, मथुरा और वृंदावन के स्थानों पर जहां भगवान कृष्ण अपने बचपन बिताया था, सारी दुनिया में मशहूर हैं. दुनिया भर से भक्तों इन धर्मपरायण स्थानों पर आने के लिए Janmasthami का जश्न मनाने. इस शुभ अवसर पर मंदिरों और घरों का खूबसूरती से सजाया जाता है प्रबुद्ध. नाइट लंबे समय प्रार्थना की पेशकश कर रहे हैं और मंदिरों में धार्मिक भजन गाए जाते हैं. याजकों मंत्र पवित्र मंत्र और स्नान Panchamrit के साथ मूर्ति जो Gangajal (पवित्र गंगा नदी से पानी) शामिल हैं, दूध, घी (मक्खन), दही, और शहद एक शंख से इन सब डालने के लिये. इस स्नान के बाद शिशु कृष्ण (भी Balmukund रूप में जाना जाता) की मूर्ति को पालने में रखा गया है. भक्ति गीत और नृत्य उत्तर भारत में इस उत्सव के अवसर के उत्सव के निशान.

विशेष रूप से वृन्दावन में मंदिरों के इस अवसर पर एक असाधारण और रंगीन उत्सव गवाह हैं. Raslila कृष्ण के जीवन की घटनाओं को विश्राम और राधा के लिए अपने प्यार को मनाने के लिए किया जाता है.

Thursday, 11 August 2011

मोटापे से परेशान हैं तो "बाइट काउंटर" की मदद लें


अगर आप खुद को ज्यादा खाने से रोक नहीं पाते हैं और मोटे होते जा रहे हैं तो चिंता की कोई बात नहीं। क्योंकि वैज्ञानिकों ने एक ऎसा डिवाइस विकसित करने का दावा किया है कि जो अधिक भोजन करने वालों की निगरानी करेगा और उन्हें रोकेगा।

यही नही यह डिवाइस यह भी बताएगा कि आपको एक दिन में कितनी कैलोरी की जरूरत है। इस डिवाइस की मदद से लोग अपने लिए भोजन की मात्रा तय कर सकते हैं।


इस डिवाइस का नाम "बाइट काउंटर" रखा गया है। यह घडी की तरह होगा, जिसे भोजन करते समय कलाई में बांधा जा सकेगा।

वजन घटता है।


आमतौर पर छोटी प्लेट-कटोरी में बच्चों को खाना खिलाया जाता है क्योंकि बच्चे की खुराक कम होती है। लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर बड़े लोग भी छोटी प्लेट-कटोरी में खाएं तो तो इससे उनका वजन घटता है।


अमेरिका की कॉर्नेल युनिवर्सिटी के मनोचिकित्सक ब्रायन वैनसिंक ने वजन घटाने का नया तरीका खोज निकाला है। ब्रायन का कहना है कि अधिकांश लोग इस बात पर ज्यादा ध्यान देते हैं कि हम कितना खा रहे हैं।


इसलिए ब़डे आकार के प्लेट की जगह सलाद के लिए उपयोग में लाई जाने वाली प्लेट में भोजन करें। क्योंाकि इस प्ले्ट में आप ज्यादा खाना नहीं परोस सकते। इसके कारण आप कम खाना खाते हैं इससे भी वजन घटाने में मदद मिलेगी।
वहीं एनर्जी ड्रिंक पीने के लिए भी छोटे ग्लास का उपयोग करें इससे वजन नियंत्रित रहेगा।

प्रेग्नेंसी


 
एक महिला के जीवन में प्रेग्नेंसी से खूबसूरत अहसास और कोई नहीं होता। मगर, इस खूबसूरत अहसास के साथ एक बदसूरत चीज भी जुड़ी रहती है, वो है-स्ट्रेचमार्क्स। स्ट्रेचमार्क्‍स का अर्थ प्रेग्नेंसी के बाद कमर और पेट की त्वचा मुर्झाना और ढीली-सी पड़ जाना होता है।

इससे आपका व्यक्तित्व प्रभावित होता है। यह जरूरी नहीं है कि स्ट्रेचमार्क्‍स की समस्या हर गर्भवती महिला को हो, मगर जिन महिलाओं को यह परेशानी होती है। उन्हें अपने कपड़े पहनने के तरीकों तक में बदलाव लाना पड़ता है। तो जानिए स्ट्रेचमार्क्‍स और उससे छुटकारा पाने के तरीकों के बारे में...

स्ट्रेचमार्क्स के कारण

- प्रेग्नेंसी के दौरान त्वचा जब ज्यादा खिंचती है तो स्ट्रेचमार्क्‍स बनने लगते हैं। ज्यादातर महिलाओं को गर्भावस्था की तिमाही में स्ट्रेचमार्क्‍स होते हैं। स्ट्रेचमार्क्‍स होने का कारण है उन टिश्यू का फट जाना जो कि त्वचा को खिंचने में मदद करते हैं।

- स्ट्रेचमार्क्‍स होना इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपकी त्वचा में खिंचने की कितनी क्षमता है। अगर आप यह पता लगाना चाहती हैं कि आपको स्ट्रेचमार्क्‍स होंगे या नहीं तो अपनी मां से पूछें कि उन्हें हुए थे या नहीं। क्योंकि स्ट्रेचमार्क्‍स आनुवांशिक होते हैं।

- कई बार हार्मोनक इंबैलेंस की वजह से भी स्ट्रेचमार्क्‍स होने लगते हैं। तो कई महिलाओं को वातावरण में आए बदलावों के चलते रिएक्शन के रूप मे स्ट्रेचमाक्र्स होने लगते हैं।

- जिन महिलाओं की त्वचा रूखी व बेजान होती है, उन्हें स्ट्रेचमार्क्‍स होने के चांसेस ज्यादा होते हैं।

स्ट्रेचमार्क्‍स से बचाव

- ज्यादातर महिलाओं का मानना होता है कि क्रीम और लोशन का प्रयोग करके वे स्ट्रेचमार्क्‍स से बचाव कर सकती हैं। मगर इनके अलावा भी आजकल बाजार में कई ऐसे प्रोडक्ट्स मौजूद हैं, जिनसे आपकी त्वचा अच्छे से मॉश्चराइज होती है।

- जब आप स्ट्रेचमार्क्‍स क्रीम या लोशन अपने पेट पर लगा रही होती हैं तो उस समय आप अप्रत्यक्ष रूप से अपने बेबी को मसाज दे रही होती हैं।

- स्ट्रेचमार्क्‍स से बचने का सबसे आसान तरीका है डॉक्टर द्वारा सुझाया गया वजन बढ़ाना। आमतौर पर डॉक्टर्स महिलाओं को 10-12 किलो वजन बढ़ाने के लिए सलाह देते हैं। मगर, कई महिलाएं ज्यादा वजन बढ़ा लेती हैं, जिससे स्ट्रेचमार्क्‍स बनते हैं।

कैसे हटाएं स्ट्रेचमार्क्‍स

- स्ट्रेचमार्क्‍स होने पर ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए क्योंकि समय के साथ स्ट्रेचमार्क्‍स फेड होने लगते हैं। डिलेवरी के 12-14 महीनों के बाद ये कम हो जाते हैं।

- अगर आपके स्ट्रेचमार्क्‍स हद से ज्यादा बदसूरत लगते हैं, तो आपको डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए। आप डिलेवरी के तुरंत बाद ही डॉक्टर से कंसल्ट करें अन्यथा ये स्ट्रेचमार्क्‍स को साफ नहीं कर पाते।

- कई महिलाओं को स्तनपान करवाने से स्तन पर स्ट्रेचमार्क्‍स होने लगते हैं और वे इनसे निजात पाने के लिए किसी भी क्रीम का इस्तेमाल करने लगती हैं। यह गलत है, इससे फीडिंग पर प्रभाव पड़ सकता है।

- अगर कई लोशन और इलाज के बाद भी आपके स्ट्रेचमार्क्‍स ठीक नहीं हो रहे हों तो आप लेजर ट्रीटमेंट करवाएं। मगर, इससे पहले डॉक्टर्स से कंसल्ट जरूर करें।

घरेलू उपचार

- स्ट्रेचमार्क्स से छुटकारा पाने के लिए अगर आप घरेलू उपचार अपनाना चाहती हैं तो हर रोज एक्सरसाइज करें। खासकर बैली (पेट) एक्सरसाइज, ताकि पेट और कमर के आसपास की मांसपेशियां फिट रहें।

- ऐसे आहार का सेवन करें जिसमें विटामिन ई और विटामिन सी भरपूर मात्रा में हों क्योंकि ये टिश्यू और कोशिका निर्माण की प्रक्रिया को तेज करते हैं।

- स्ट्रेचमार्क्‍स वाले हिस्से में हर रोज विटामिन ई युक्त तेल से अच्छी तरह मसाज करें।

कढी खाने से सूजन घट जाती है


 
अगर आप गठिया या अर्थराइटिश के दर्द से परेशान हैं तो अपने खाने का मेन्यू बदलें। शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया है कि कढी जोडों के दर्द में भी राहत देती है। कढी खाने से सूजन घट जाती है और कोहनी दुरूस्त हो जाती है।

लंदन के नॉटिंघम विश्वद्यालय और जर्मनी के मैक्समिलियंस युनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने भारतीय कढियों के एक महत्वपूर्ण तत्व करकूमिन की शिनाख्त की है जो जोड में स्त्रायु सूजन को रोकता है।

करकूमिन हल्दी से बनती है। इसका इस्तेमाल स्त्रायु बीमारी के दौरान सूजन फैलाने वाली जैविक यांत्रिकी को कम करने के लिए किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन से जोड के दर्द के लिए इलाज का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

ईमानदारी

ईमानदारी अभी जिंदा है, इसका प्रमाण उस समय देखने को मिला जब रिफाइनरी में रहने वाले एक व्यक्ति ने सड़क पर रुपयों से भरा बैग मिलने पर उसे संबंधित व्यक्ति को वापस लौटा दिया।

उसने बैग में रखे दस्तावेजों पर लिखे नंबर पर फोन कर बैग वापस लौटाया। बैग में एक लाख से ज्यादा रुपए, मोबाइल और जरूरी कागजात थे। जानकारी के अनुसार कृष्णचंद निवासी रिफाइनरी को गुरुवार को सड़क पर एक बैग पड़ा मिला। उसने बैग खोलकर देखा तो उसमें एक लाख पच्चीस हजार रुपए, तीन एटीएम कार्ड और दो मोबाइल मौजूद थे। उसने ईमानदारी दिखाते हुए मोबाइल फोन से बैग के मालिक डॉ. एसके बासु को इसकी सूचना दी।

डॉ. बासू ने आकर अपना बैग लिया और कृष्ण चंद की ईमानदारी से खुश होकर उसे 2100 रुपए इनाम स्वरूप देने चाहे। लेकिन कृष्णचंद ने इंकार कर दिया।

जहरीले केले

 
पानीपत. खरखौदा . बुधवार की रात्रि को जहरीले केले खाने से एक ही परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए। उन्हें सुबह खरखौदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।

तेजपाल के परिजनों ने बताया कि यूपी निवासी उनका रिश्तेदार खरखौदा के वार्ड संख्या 9, महावीर कालोनी में आया था। वह अपने साथ करीब दो दर्जन केले लेकर आया था। रिश्तेदार तो वापस चला गया। लेकिन जब उनके परिवार के सभी सदस्यों ने रात्रि को केले खाए तो वे सुबह बिस्तर से उठ नहीं सके। पड़ोसियों ने आकर देखा तो परिवार के सभी सदस्य अचेत पड़े हुए थे।

इस पर सभी को बेहोशी के हालत में खरखौदा सीएचसी में दाखिल कराया गया। परिजनों ने बचे हुए केलों को भी चिकित्सकों को दिखाया। केले खाने से परिवार का मुखिया 38 वर्षीय तेजपाल, 35 वर्षीय उसकी पत्नी शिमला, 16 वर्षीय उसकी पुत्री पूनम व 14 वर्षीय उसकी बेटी मोनिका बेहोश हो गई थी।

जिनमें से मोनिका की हालत में सुधार है। जबकि बाकी तीनों की हालत अभी तक गंभीर बनी हुई थी। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। चिकित्सकों ने परिजनों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि चार में से तीन सदस्यों ने आलू- बैंगन की सब्जी भी खाई थी। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि केलों में ही किसी तरह की मिलावट थी।