Sunday, 1 January 2012

गालिब का व्यक्तित्व ‘भारत रत्न’ से बड़ा : यश मालवीय


ग़ालिब को भारत रत्न दिए जाने के विषय पर बैठक[/B] : इलाहाबाद। साहित्यिक पत्रिका ‘गुफ्तगू’ के तत्वावधान में हरवारा, धूमनगंज में बैठक आयोजित की गई, जिसमें मशहूर शायर मिर्ज़ा गालिब को ‘भारत रत्न’ पुरस्कार दिए जाने की मांग पर चर्चा की गई। एहराम इस्लाम ने कहा कि पूरी दुनिया मिर्जा गालिब की शायरी की कायल है, उर्दू अदब के नाक हैं गालिब, इसलिए यदि उनको भारत रत्न एवार्ड दिया जाता है तो यह हम सभी के लिए हर्ष का विषय होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुझे लगता है कि यदि भारत सरकार ऐसा निर्णय लेती है तो इसका कोई विरोध भी नहीं करेगा।

गीतकार यश मालवीय की राय उनसे भिन्न रही। उन्होंने कहा कि गालिब का व्यक्तित्व भारत रत्न से बहुत बड़ा है, सौ भारत रत्न मिलकर भी गालिब की बराबरी नहीं कर सकते। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस तरह की मांग उठाने का कोई औचित्य नहीं है, अगर ऐसी मांग होगी तो फिर तुलसी, मीर, सूर आदि कवियों को भारत रत्न क्यों नहीं दिया जा सकता? दरअसल, इन सब रचनाकारों का व्यक्तित्व ‘भारत रत्न’ से बहुत बड़ा है।

गुफ्तगू पत्रिका के संरक्षक इम्तियाज अहमद गाजी का कहना था कि गालिब, सूर, निराला, मीर आदि कवियों का व्यक्तित्व और कृतित्व बहुत बड़ा है, इसलिए इनको भारत रत्न दिए जाने के बजाए वर्तमान समय के जो बड़े रचनाकार हैं, जिनकी रचनाओं में देशभक्ति के पुट हैं, उनको यह एवार्ड दिए जाने की मांग उठानी चाहिए। यह बड़े दुख की बात है कि भारत रत्न के लिए जिन लोगों के नामों पर चर्चा की जा रही है, उनमें साहित्यकारों को शामिल नहीं किया गया है। साहित्यकार जयकृष्ण राय तुषार ने कहा कि गालिब जैसे रचनाकार तब के हैं, जब भारत रत्न पुरस्कर की शुरुआत भी नहीं हुई थी, उनको यह एवार्ड दिए जाने की मांग करना ठीक नहीं हैं, उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इससे बेहतर तो यह होता कि निदा फाजली जैसे शायरों को गालिब एवार्ड दिए जाने की बात की जाती, क्योंकि निदा फाजली के पिता पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन वे भारत में ही रहे, उनके व्यक्तित्व में भारतीयता झलकती है।

मुशायरों के मशहूर संचालक नजीब इलाहाबादी ने कहा कि गालिब जैसे बड़े शायर को यह एवार्ड जरूर दिया जाना चाहिए, क्योंकि इन्होंने अपनी शायरी का परचम पूरे विश्व में लहराया है। आसरा फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रदीप तिवारी का कहना था कि जिस तरह भारत रत्न पुरस्कार देने के लिए खिलाड़ियों के नाम पर चर्चा की जा रही है, उसी तरह निश्चित रूप से साहित्यकारों के नाम पर भी विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। बैठक में इनके अलावा स्वालेह नदीम, अख्तर अजीज, संतोष तिवारी, शिवपूजन सिंह, वाकिफ अंसारी, सुनील दानिश, रमेश नाचीज, संजय सागर, डा0 शैलेष गुप्त ‘वीर’ आदि ने विचार रखे।

पुलिस और ई टीवी के गठजोड़ से नाराज पत्रकारों ने नहीं खेला मैच

रविवार को नीमच जिले के आला पुलिस अधिकारियों और शहर के पत्रकारों के बीच एक मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन पुलिस के खेल विभाग ने रखा था। पर, ये मैच हो ही नहीं सका। शहर के पत्रकारों ने मैच खेलने से ही इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारियों को जब पत्रकारों के रूख का पता चला तो उनके होश उड़ गये। ऐसा क्यों हुआ? इसको लेकर जो कुछ सामने आया है उससे लोग चौंके हैं।

पुलिस के एक आला अधिकारी ने ई टीवी के ब्यूरो प्रमुख का नाम लेकर ये कह दिया था कि पत्रकारों की टीम उसी के नेतृत्व में खेलेगी। इस पर दूसरे पत्रकार भड़क गये और कहने लगे, बहुत हो गया अब ई टीवी और पुलिस का नापाक गठजोड़! अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। पत्रकार गुस्सा थे कि आखिर क्यों पुलिस ही ये तय करने में जुटी थी कि पत्रकारों की टीम का नेतृत्व ई टीवी वाला ही करेगा। देखते-देखते कई पत्रकारों ने पुलिस के खेल अधिकारी श्री सलाम को मैच खेलने से इनकार कर दिया। तब पुलिस में हलचल मची। आला अधिकारियों को भी मालूम पड़ा कि आखिर हो क्या रहा है। पत्रकार पिछले लंबे अरसे से पुलिस के निचले स्तर के अधिकारियों के साथ ई टीवी के स्टाफरों की नापाक जुगलबंदी से हो रही लूटपाट के किस्से सुनते और देखते आ रहे थे। वे देख रहे थे कि एक लंबे अरसे से ई टीवी कैमरा मैन, जो एक नहीं अनेक होते हैं, वे अक्सर दिन भर पुलिस थानों में ही मंडराते हैं। कोई शिकायतकर्ता आया नहीं कि उसकी कथा कहानी सुनकर वो जिसके खिलाफ शिकायत करने आया है, उसे ई टीवी का भोंगला लेकर चमकाने पहुंच जाते हैं।

पुलिस के यहां से कार्रवाई बाद में होती है पर, ई टीवी और उन्हीं के दफ्तर में चल रही मोबाइल ब्रेकिंग न्यूज एजेंसी वाइस आफ एमपी का आपरेशन पहले ही चालू हो जाता है। ये ही हाल अफीम से जुड़े मामलों में नजर आता है। पुलिस जब माल पकड़ती है तब उसे कागजात तैयार करने और बरामद माल की मात्रा बताने में दो से चार घंटे लग पाते है, पर ई टीवी का भोंगला लेकर अपराधी किस्म के लोग भी वहां पहुंच जाते हैं और लोगों की बाईट लेने का उपक्रम करते नजर आने लगते हैं। पुलिस अफीम के मामलों में अक्सर सेटिंग करती है ऐसे में सेटिंग से पहले ही चैनल वाले पहुंच जाए तो सारा गुड़़गोबर हो जाता है। ऐसे में पुलिस वाले इनसे चमकने लगे, तो ये माथे बैठते नजर आने लगे। थानों में दिन भर ये मंडराये और बाद में बड़े अधिकारियों के चेंबर में भी ये ठसे नजर आये। हालात ऐसे बने कि पुलिस वाले इनके ब्लैकमेल के शिकार होने लगे। अफीम जब्‍ती के मामले में मौके पर भोंगला लेकर नहीं आने और जब्‍ती का समाचार ब्रेकिंग न्यूज में डालने पर पुलिस वाले मोटे-मोटे लिफाफे इन्हें देने को मजबूर होने लगे। जब पुलिस वाले बिलकुल ही डरते नजर आने लगे तब तो ई टीवी वाले एक कदम और आगे बढ़ते नजर आने लगे।

अब पुलिस वालों को ये निर्देश दिये जाने लगे कि वे दफ्तर पर आये और हाजिरी बजायें। अपराधियों और प्रापर्टी दलालों का जमघट ई टीवी के ब्यूरो दफ्तर पर नजर आने लगा और पुलिस वाले भी वहीं बैठकर सौदे-सूद और तोड़-बट्टे करने लगे। ये सब हालात पत्रकारों की निगाहों में थे। पर, एक मामला ऐसा भी हो गया जिसमें ये एक पत्रकार को ही पुलिस के माध्यम से चमकाने से नहीं चूके। सुबह के अखबार भास्कर की मार्केटिंग एजेंसी चलाने वाला भी ई टीवी वालों की शरण में जाकर वो भी एक चैनल का भोंगला ठोंक लाया। उसका भास्कर के स्थानीय एजेंट शांतिलाल अहीर से कोई छोटा मोटा तनाव हो गया। बस, फिर क्या था। पहुंच गया भास्कर के एजेंसी दफ्तर पर पुलिस का दस्ता। वो तो दफ्तर भी बंद था और उस पर भास्कर का बोर्ड भी लगा था तब पुलिस वालों को भी समझ आयी कि किस तरह उनको ही उलझाया जा रहा है। बाद में शांतिलाल अहीर कुछ लोगों को लेकर पुलिस के आला अधिकारियों के पास ज्ञापन लेकर पहुंचा और कहा, किस तरह उसके खिलाफ साजिश रची गई। साफ तौर पर उस साजिशकर्ता का नाम लिखा गया। हद तो तब हो गई सुबह 11.55 पर आवेदन दिया गया और 12.10 पर उस आवेदन की कापी पुलिस के यहां से निकलकर ई टीवी के दफ्तर पर पहुंच गई थी और वहां वो साजिशकर्ता कापी हाथ में लेकर अट्टाहास कर रहा था कि क्या कर लिया शांतिलाल ने। वो कह रहा था पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। हमारा अपना एक सिडिंकेट है जिससे पुलिस का गठजोड़ है।

भास्कर के सीधे-सादे एजेंट शांतिलाल को ही फर्जी मामले में फंसाने की साजिश का जब खुलासा हुआ तो शहर के पत्रकारों में पुलिस और ई टीवी के इस नापाक गठजोड़ के खिलाफ गुस्सा और गहरा हो गया जो अब फट पड़ा है। ई टीवी की अगुवाई में मैच न खेलने का फैसला शहर के पत्रकारों का शहर भर में चर्चा का विषय बना है। इधर, मनासा में भी ई टीवी का भोंगला एक ऐसा आदमी लेकर घूमता दिखाई दे रहा है जो पहले कभी बैंक की डकैती डालकर तिजोरी ही चुरा लाने का अपराधी बनकर जेल काट आया है। ये आदमी अपराधिक प्रवृत्ति के बांछड़ा समुदाय के लोगों की गतिविधियों को सहयोग करता है। चोरी का माल लाने ले जाने में अपनी प्रेस लिखी गाड़ी भी उन्हें मुहैया कराता है। ऐसे आदमी को ई टीवी का मनासा का स्ट्रिंगर बना दिये जाने से वहां भी पत्रकारों में ई टीवी के नीमच ब्यूरो के खिलाफ गुस्सा है। ई टीवी के नीमच ब्यूरो से शहर के पत्रकारों में गुस्से की एक वजह और भी है। ब्यूरो प्रमुख ने दो फर्जी पत्रकार संगठन खड़े करके उसकी अलग से दुकानदारी चालू कर रखी है। एक मालवा श्रमजीवी पत्रकार संघ के नाम से संगठन खड़ा किया गया है तो दूसरा मालवा मेवाड़ इलेक्‍ट्रानिक मीडिया पत्रकार संघ बनाया है। दोनों ही संगठनों में फर्जी और आपराधिक किस्म के पत्रकारों की भरमार की गई है। ऐसे लोग सट्टे की दुकान से लेकर मीट-मच्छी की दुकान तक चैनल का भोंगला लिये नजर आ जाते है। मनासा से भागकर आये दो कथित पत्रकार जिन पर लोगों को धमकाने के आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, वे भी नीमच में ई टीवी की शरण में आकर खुली गुण्डागर्दी कर रहे हैं।

दोनों फर्जी पत्रकार संगठनों के माध्यम से ई टीवी का नीमच ब्यूरो वास्तविकता में काम कर रहे पत्रकारों को भी अपमानित करता नजर आ रहा था। पर होता है कि एक दिन गुस्सा फट पड़ता है। काठ की हांडी फट जाती है। पत्रकारों का ई टीवी के साथ मैच न खेलने का फैसला तो कम से कम ये ही इबारत लिखता नजर आ रहा है। पुलिस वालों को भी समझ आ रही है कि जाने-अनजाने पत्रकारिता की आड़ में हम किस तरह एक गिरोह के हाथों का शिकार होने लगे थे। इस गिरोह के लोगों को लूटने-खसोटने और जमीनों पर बेजा कब्जा जमाने के इतने किस्से पसरे हैं, जिसकी कोई हद नहीं। कई सारे बेकसूर लोगों को बेवजह जेल के सिंकचों तक पहुंचा दिया है, ई टीवी नीमच ब्यूरो की अगुवाई में बने पत्रकार, पुलिस और अपराधिक तत्वों के इस सिडिंकेट ने। शहर में आपराधिक तत्वों से भय दिखाने का भी एक सोचा-समझा खेल खेलते भी ये लोग नजर आ रहे थे। कुछ हत्या जैसे मामलों में उलझे अपराधी जो इस गैंग में शरीक हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से ब्यूरो प्रमुख के धोक लगानी होती थी। चाहे फिर वे दिन में 6 बार ही सामने क्यों न आये। इससे ये गिरोह सामान्य लोगों पर अच्छा रूतबा जमाने में कामयाब होते थे। जो भी होता है, अच्छा ही होता है।

‘लाइफ ओके’ को पहले सप्ताह में मिली शानदार ओपनिंग


लाइफ ओके’ ने ‘स्टार इंडिया’ के लिए 2011 का अंत अच्छा बेहतरीन दिया है। ‘लाइफ ओके’ को 87 जीआरपी मिली है और इसने ‘इमेजिन’ को जनरल एंटरटेनमेंट चैनलों में छठे स्थान पर खिसका दिया है। इससे पहले, ‘स्टार वन’ को मिले रेटिंग से नाम बदलने (लाइफ ओके) के बाद से दोगुनी रेटिंग है। 
 
 ‘लाइफ ओके’ के पहले सप्ताह में मिली रेटिंग से दर्शकों के बीच इसकी स्वीकार्यता को पर्याप्त साबित करने के लिए यह काफी नहीं है। ‘स्टार इंडिया’ ने अपने इस “एक सप्ताह पुराने शिशु” के बारे में, इसके प्रदर्शन या आशाओं पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है।
 
‘स्टार इंडिया’ के सीईओ, उदय शंकर ने एक्सचेंज4मीडिया समूह से बात करते हुए कहा, “चैनल को कापी सोच-विचार के बाद से लॉन्च किया गया है। ‘लाइफ ओके’ टीम ने काफी प्रभावशाली कार्य किया है। लेकिन हम इसके प्रदर्शन का आंकलन कुछ महीनों के बाद ही कर पायेंगे। ‘स्टार इंडिया’में हल लोग लॉन्च (नई शुरुआत) को एक दिन या एक सप्ताह की गतिविधि के रूप में शुरू नहीं करते हैं। लॉन्चिंग एक ऐसी चीज है जो कुछ समय के लिए वर्क इन प्रोग्रेस (कार्य में सुधार) की प्रक्रिया में रहता है  और हम लोगों को कोई जल्दीबाजी नहीं है।”
 
‘लाइफ ओके’ पर जिस शो को सबसे अधिक रेटिंग मिली है वह है पौराणिक कथाओं पर आधारित शो – “महादेव” और“सौभाग्यवती भव”। हर एपिसोड के अनुसार इन दोनों धारावाहिकों ने 1 से अधिक टेलीविजन रेटिंग मिली है।
 
‘सच का सामना’ शो को राजीव खंडेलवाल के द्वारा एंकरिंग की जा रही है और अभी भी इसकी रेटिंग 1 टेलीविजन रेटिंग से कम है
 
एक वरिष्ठ मीडिया विशेषज्ञ ने कहा, “वर्तमान में, चैनल के पास प्राइम टाइम में बमुश्किल ही कोई विज्ञापन है और चैनल पर अधिक से अधिक दर्शकों के आने का यह भी एक कारण है।”
 

Friday, 23 December 2011

'कुत्ता' बनना चाहती हैं मिशेल ओबामा

अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ओबामा अगले जन्म में कुत्ता बनना चाहती हैं। मिशेल ने कहा कि उनके कुत्ते बो की जिंदगी मजेदार है। वह पुर्तगाली वाटर डॉग नस्ल का कुत्ता है। 

एक टीवी साक्षात्कार में मिशेल से जब यह पूछा गया कि वो अगले जन्म में क्या बनना चाहेंगी तो उन्होंने कहा कि वो अपने पालतू कुत्ते बो के रूप में जन्म लेना चाहेंगी।

इसी कार्यक्रम में राष्ट्रपति बराक ओबामा से जब पूछा गया कि वह कब झूठ बोलते हैं तो उन्होंने कहा कि अपने परिवार के सदस्यों के साथ व्यक्तिगत मेलजोल के दौरान वह झूठ बोलते हैं।

वह ये झूठ तब बोलते हें जब कोई उनसे अपने बारे में पूछता है कि वह किसी विशेष परिधान में कैसा दिख रहा है? ओबामा और मिशेल छुट्टियों में आने वाले एक विशेष टीवी कार्यक्रम की शूटिंग के दौरान ये जवाब दे रहे थे।

ओबामा से जब पूछा गया कि मिशेल को लेकर उन्हें सबसे ज्यादा किस बात पर झुंझलाहट आती है तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। वहीं मिशेल ने इसी प्रश्न के जवाब में कहा कि उनके वजहों की सूची बहुत लंबी है।

टीम अन्ना को रामलीला मैदान पर अनशन की अनुमति

टीम अन्ना को दिल्ली पुलिस ने 27 दिसम्बर से पांच दिन तक रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के अनशन के समर्थन में प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी है। इस दौरान अन्ना हजारे मुंबई में अनशन करेंगे।

टीम अन्ना के एक प्रमुख सदस्य ने कहा कि हमें पांच दिन के लिए अनुमति मिली है। इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। उन्होंने बताया कि 27 तारीख से अन्ना हजारे मुंबई के आजाद मैदान में अनशन पर बैठेंगे। इस दौरान उनके समर्थक यहां अपना प्रदर्शन करेंगे।

दिल्ली पुलिस द्वारा कुछ मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगे जाने पर टीम अन्ना ने जो जवाब दिए उसके बाद ही उन्हें यह अनुमति मिल पाई है। पुलिस ने उनसे प्रदर्शन के दौरान आसने वाले वीवीआईपी की संख्या और उनके नामों जैसी कुछ जानकारियां मांगी थीं।

टीम अन्ना से पुलिस ने आठ बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। पुलिस का कहना था कि टीम अन्ना ने आवेदन करते समय इन जानकारियों को मुहैया नहीं कराया था।

पुलिस ने टीम अन्ना से 27 दिसम्बर से पांच जनवरी तक प्रतिदिन के कार्यक्रम का ब्यौरा और वहां आने वाले संभावित लोगों की संख्या से संबंधित जानकारी की मांग की है।

इसके साथ ही टीम के सदस्यों से मंच पर बैठने वाले सदस्यों के नाम और मैदान के भीतर और बाहर पार्क होने वाली गाड़ियों की संख्या की भी जानकारी मांगी है

धमकी के बाद टीवी पत्रकार को सरकार ने मुहैया कराई सुरक्षा


इस्‍लामाबाद : पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई है। पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने यह जानकारी दी। ‘जियो टीवी’ के प्रस्तोता हामिद मीर ने बुधवार को कहा था कि उनके शो में सुरक्षा प्रतिष्ठानों की आलोचना किए जाने के बाद से उन्हें धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं।

मीर ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए सुरक्षा प्रतिष्ठान जिम्मेदार होंगे। मलिक ने गुरुवार को मीर को दी गई धमकियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार मीर व पत्रकार बिरादरी के लिए पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक मलिक ने कहा, ‘‘सरकार ने इस मुद्दे को गम्भीरता से लिया है और पुलिस उपाधीक्षक को मीर की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।’’

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की जांच के लिए सांसदों की एक समिति गठित की गई है। इस बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी मीर को मिली धमकियों के मामले की जांच का आदेश दिया है। मीर ने न्यूयार्क में ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ (सीपीजे) को भी अपना संदेश भेजा है। समिति ने इस पर तुरंत एक ब्‍लॉग जारी कर मीर को धमकी दिए जाने की निंदा की है और पाकिस्तानी सरकार पर पूर्व में कई पत्रकारों को मिलीं इसी तरह की धमकियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।

Monday, 22 August 2011

जन्माष्टमीयह एक प्रसिद्ध गीत है कि लोगों को जन्माष्टमी, प्रभु कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार (अवतार) के जन्म की सालगिरह के अवसर पर गाते की है. यह धार्मिक त्योहार पूरे भारत में कृष्ण पक्ष की अष्टमी या Bhadon के महान भक्ति और उत्साह के साथ हिंदू कैलेंडर के अनुसार माह में आठवें दिन पर अगस्त / सितंबर के महीने में मनाया जाता है. जन्माष्टमी Gokulashtami, Krishnasthami, Srijayanti के रूप में भी जाना जाता है. Janmashtami.jpg जन्माष्टमी, मथुरा और वृंदावन के स्थानों पर जहां भगवान कृष्ण अपने बचपन बिताया था, सारी दुनिया में मशहूर हैं. दुनिया भर से भक्तों इन धर्मपरायण स्थानों पर आने के लिए Janmasthami का जश्न मनाने. इस शुभ अवसर पर मंदिरों और घरों का खूबसूरती से सजाया जाता है प्रबुद्ध. नाइट लंबे समय प्रार्थना की पेशकश कर रहे हैं और मंदिरों में धार्मिक भजन गाए जाते हैं. याजकों मंत्र पवित्र मंत्र और स्नान Panchamrit के साथ मूर्ति जो Gangajal (पवित्र गंगा नदी से पानी) शामिल हैं, दूध, घी (मक्खन), दही, और शहद एक शंख से इन सब डालने के लिये. इस स्नान के बाद शिशु कृष्ण (भी Balmukund रूप में जाना जाता) की मूर्ति को पालने में रखा गया है. भक्ति गीत और नृत्य उत्तर भारत में इस उत्सव के अवसर के उत्सव के निशान. विशेष रूप से वृन्दावन में मंदिरों के इस अवसर पर एक असाधारण और रंगीन उत्सव गवाह हैं. Raslila कृष्ण के जीवन की घटनाओं को विश्राम और राधा के लिए अपने प्यार को मनाने के लिए किया जाता है.

यह एक प्रसिद्ध गीत है कि लोगों को जन्माष्टमी, प्रभु कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार (अवतार) के जन्म की सालगिरह के अवसर पर गाते की है. यह धार्मिक त्योहार पूरे भारत में कृष्ण पक्ष की अष्टमी या Bhadon के महान भक्ति और उत्साह के साथ हिंदू कैलेंडर के अनुसार माह में आठवें दिन पर अगस्त / सितंबर के महीने में मनाया जाता है. जन्माष्टमी Gokulashtami, Krishnasthami, Srijayanti के रूप में भी जाना जाता है.

जन्माष्टमी, मथुरा और वृंदावन के स्थानों पर जहां भगवान कृष्ण अपने बचपन बिताया था, सारी दुनिया में मशहूर हैं. दुनिया भर से भक्तों इन धर्मपरायण स्थानों पर आने के लिए Janmasthami का जश्न मनाने. इस शुभ अवसर पर मंदिरों और घरों का खूबसूरती से सजाया जाता है प्रबुद्ध. नाइट लंबे समय प्रार्थना की पेशकश कर रहे हैं और मंदिरों में धार्मिक भजन गाए जाते हैं. याजकों मंत्र पवित्र मंत्र और स्नान Panchamrit के साथ मूर्ति जो Gangajal (पवित्र गंगा नदी से पानी) शामिल हैं, दूध, घी (मक्खन), दही, और शहद एक शंख से इन सब डालने के लिये. इस स्नान के बाद शिशु कृष्ण (भी Balmukund रूप में जाना जाता) की मूर्ति को पालने में रखा गया है. भक्ति गीत और नृत्य उत्तर भारत में इस उत्सव के अवसर के उत्सव के निशान.

विशेष रूप से वृन्दावन में मंदिरों के इस अवसर पर एक असाधारण और रंगीन उत्सव गवाह हैं. Raslila कृष्ण के जीवन की घटनाओं को विश्राम और राधा के लिए अपने प्यार को मनाने के लिए किया जाता है.