Thursday, 5 January 2012

चाय पीजिए हार्टअटैक और मधुमेह से दूर रहिए

चाय के बड़े फायदे होते हैं और अब एक नए शोध में इसकी पुष्टि की गई है। रोजाना तीन कप चाय पीने वाले व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने और मधुमेह होने का खतरा बेहद कम हो जाता है।

शोध में कहा गया है कि रोजाना चाय की चुस्की लेने से धमनियों में रक्त का थक्का बनने की आशंका लगभग खत्म हो जाती है और रक्तचाप भी नियंत्रण बना रहता है।

समाचार पत्र ‘डेली एक्सप्रेस’ के मुताबिक डॉक्टर कैरी रक्सटन और डॉक्टर पामेला मैसन के नेतृत्व में किए गए शोध में कहा गया है कि रोजाना तीन कप चाय पीने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा 60 फीसदी तक कम हो जाता है और मधुमेह का खतरा भी घट जाता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग रोजाना तीन से छह कप चाय पीने वाले लोगों में दिल की बीमारी का खतरा 30 से 57 फीसदी तक कम हो सकती है।

डॉक्टर रक्सटन ने कहा कि हमारे अध्ययन में पता चला है कि काली चाय पीने से टाइप 2 के मधुमेह का खतरा कम हो सकता है। इसके लिए रोजाना एक से पांच कप काली चाय पीने की जरूरत है।

वैज्ञानिकों ने की 390 कपालों की जांच मानव कपाल के संबंध में अनूठी जानकारियां


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वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि मानव कपाल अत्यधिक एकीकृत है और उसे एक हिस्से में आने वाले किसी भी बदलाव का असर पूरे कपाल पर पड़ता है। 

इवोल्यूशन पत्रिका में प्रकाशित खबर के मुताबिक, यूनिवर्सिटिज ऑफ मैनचेस्टर और बार्सिलोना के दल मानव कपालों के विशिष्ट संग्रह का अध्ययन कर रहे हैं। 

उन्होंने अपने अध्ययन में पाया कि मानव कपाल में बदलाव समय के साथ-साथ स्वतंत्र तरीके से हुआ है। इस शोध के लिए वैज्ञानिकों के इन दलों ने 390 कपालों की जांच की।

शोधकर्ता और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के डॉक्टर क्रिस क्लिंजनबर्ग का कहना है कि हमने पाया कि कपाल में आनुवांशिक विविधिता बहुत ज्यादा एकीकृत है। इसलिए अगर कपाल के एक हिस्से में कोई बदालव आता है तो उसके कारण पूरे कपाल में बदलाव आता है।
संबंधित जानकारी

नई समुद्री प्रजातियों की दुनिया खोजी समुद्री जीवों की नई कॉलोनी

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका के समुद्र में लगभग 8 हजार फुट नीचे ऐसी नई समुद्री प्रजातियों की दुनिया खोजी है, जो जिंदा रहने के लिए सूरज से नहीं, बल्कि समुद्र में होने वाले ज्वालामुखी से ऊर्जा लेते हैं।

ऑक्सफोर्ड और साउथएम्प्टन यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे की टीम ने अंटार्कटिका समुद्री जीवों की कॉलोनी खोजी है, जिनमें केकड़े, ऑक्टोपस और स्टारफिश शामिल हैं। इनमें केकड़ों के सीने में घुंघराले बाल मिले हैं, जबकि आम केकड़ों में ये नहीं होते हैं। विज्ञान के लिए यह पूरी तरह नई बात है कि ये सारे जीव पूरी तरह अंधेरी दुनिया में जी रहे हैं।

इन समुद्री प्रजातियों के अस्तित्व इस मायने में उल्लेखनीय है कि ये समुद्र के भीतर होने वाले ज्वालामुखी के मुहाने पर विचरते पाए गए हैं। समुद्र के भीतर होने वाली ज्वालामुखी की घटना को हाइड्रोथर्मल वेंट्स कहा जाता है और इसमें काले धुएं का गुबार निकलता है, जो समुद्र के तापमान को 380 डिग्री तक पहुंचा देता है, जो सीसा को पिघलाने के लिए काफी है। 

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द डेली मेल अखबार के अनुसार नई प्रजातियां जहां विचरती हैं, वहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंच पाती है। वे पूरी तरह अंधेरे में जी रहे हैं। उन्हें ऊर्जा सूरज से नहीं, बल्कि ज्वालामुखी के धुएं से निकलने वाले अत्यंत ही जहरीलों रसायनों से मिलती है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथएम्पटन में भू व समुद्र विज्ञान के प्रोफेसर जॉन कापले ने कहा कि अंटार्कटिका में हाईड्रोथर्मल वेंट्स की खोज और वहां समुद्री जीवों का विचरण पहली बार खोजा गया है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में जीव विज्ञान के प्रोफेसर व टीम के प्रमुख एलेक्स रोजर्स ने कहा कि केकड़ों के सीनों में घुंघराले बालों में लाखों की संख्या में जीवाणु मिले हैं, जो केकड़ों को जिंदा रखने में मदद करते हैं। ये जीव समुद्र में और कहीं हाईड्रोथर्मल वेंट्स के आसपास मिले जीवों से एकदम अलग है।

रोजर्स के अनुसार समुद्र के भीतर समुद्री जीवों की यह दुनिया ऐसे लगती है, जैसे किसी और ग्रह से आई हो। इसे देखना बहुत ही मजेदार है। ये दुनिया देखना बहुत ही मजेदार है।

पत्नी की मौत, पति ने ली डॉक्टर की जान

तमिलनाडु में अपनी गर्भवर्ती पत्नी की मौत हो जाने पर एक व्यक्ति ने इलाज कर रही महिला चिकित्सक को मार डाला। व्यक्ति का आरोप है कि महिला डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती जिसके कारण उसकी पत्नी की मौत हुई।

पुलिस के अनुसार छह माह से गर्भवती महिला को 30 दिसंबर को दर्द की शिकायत होने पर क्लीनिक लाया गया था, जहां उसकी हालत और गंभीर हो गई। किसी अन्य अस्पताल में ले जाते वक्त रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।

अपनी पत्नी की मौत से आहत पति गुस्से में दो जनवरी की सुबह महिला डॉकटर के क्लीनिक पर पहुंचा और उसकी हत्या कर दी। इस दौरान उसके साथ आए तीन अन्य साथी क्लीनिक के बाहर ही उसका इंतजार करते रहे।

इस हादसे के बाद सरकारी और निजी चिकित्सकों ने धरना दिया और पुलिस ने हत्याभियुक्तों को हिरासत में ले लिया। तमिलनाडु सरकारी चिकित्सक संघ ने बुधवार को राज्यव्यापी हड़ताल आयोजित करने की घोषणा की है हालांकि इस दौरान इमंरजेंसी सुविधाओं पर असर नहीं पड़ेगा।

बच्चे को ट्रॉली से बांध कर घसीटा चलती गाड़ी से खींचा था गन्ना

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में महज एक गन्ना लेने पर बारह साल के एक लड़के को टैक्टर-ट्रॉली से बांध कर करीब डेढ़ किलोमीटर तक सडक पर खींचा गया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि टाडीयावा थाने के कचनारी गांव के राकेश कुमार ने पुलिस को सूचना दी कि उसके बेटे सोनेलाल ने पिसावा रोड से गुजर रही गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली से एक गन्ना खींच लिया तो ट्रॉली में सवार लोगों ने सोनेलाल को पकड़ लिया और उसका पैर रस्सी से ट्रॉली में बांधकर उसे उल्टा लटका दिया और ट्रॉली को सड़क पर दौड़ा दिया।

जब लोगों ने सड़क पर रगड़ते बच्चे को चिल्लाते देखा तो लोग ट्रॉली के पीछे दौड़ पड़े और एक कार सवार की मदद से ट्रैक्टर ट्रॉली का पीछा करके बच्चे को मुक्त कराया। इस दौरान ट्रैक्टर पर सवार लोग मौके से भाग निकले। बच्चे को गंभीर हालत में उपचार के लिए भेजा गया है।

पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है। ट्रैक्टर जल्पिपुर गांव का बताया जा रहा है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

Wednesday, 4 January 2012

हवाई अड्डे पर आग, करोड़ों की संपत्ति खाक

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मध्यरात्रि के बाद लगी भयंकर आग में करोड़ों की संपत्ति जल कर खाक हो गई लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

सूत्रों ने बताया कि आग रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर सेलेबी कंपनी के मानव संसाधन विभाग में लगी। यह कंपनी हवाई अड्डे पर माल परिवहन सेवाओं का संचालन करती है।

पुलिस और अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, अग्निशमन विभाग को आग लगने की जानकारी रात एक बजकर 15 मिनट पर मिली।

उन्होंने बताया कि आग पर काबू पाने में चार घंटे से अधिक समय लगा और 33 दमकल गाड़ियों की मदद लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि आग पर लगभग सुबह साढ़े छह बजे काबू पा लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि मालवाहक भवन के पहले तल पर 10 एयरलाइनों के कार्यालय और सेलेबी का मानव संसाधन विभाग था। आग में ये सभी कार्यालय पूरी तरह जलकर राख हो गए।

सूत्रों ने बताया कि रखरखाव से जुड़े कर्मियों ने शुरू में अग्निशमन यंत्रों के जरिए मालवाहक परिसर में लगी आग पर खुद ही काबू पाने की कोशिश की लेकिन असफल रहे।

संकल्पों के साथ, कैरियर की शुरुआत संकल्प और आलस एक-दूसरे के दुश्मन

जो संकल्प लिया गया हो, उसके बारे में अपने दोस्तों तथा रिश्तेदारों को भी बताना जरूरी है। इससे फायदा यह होगा कि आप संकल्प पूर्ण करने में जरा भी कमजोर या निष्क्रिय दिखाई दिए तो आपके दोस्त व रिश्तेदार आपको आपके संकल्प की याद दिला देंगे

कई लोगों को लगता है कि जिंदगी बहुत छोटी है, इसमें कई बड़े काम करने हैं। यह सही है कि जीवन बहुत छोटा है, लेकिन यह सोच कतई उचित नहीं है कि आप एकसाथ कई संकल्प कर लें या कामों की लाइन लगा दें। मतलब यही कि आप कई संकल्प एकसाथ न लें। ऐसा करना अपनी क्षमताओं को बहुत ज्यादा आंकने से भी हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि ठोक-बजाकर वही संकल्प लें, जिसे पूरा करना संभव हो।

अक्सर देखा जाता है कि देखा-देखी या किसी के कहने में आकर भी संकल्प ले लिए जाते हैं। ऐसे संकल्पों की कोई ठोस जमीन नहीं होती। नतीजतन संकल्प का कोई मतलब नहीं रह जाता। इससे बेहतर है कि अपनी रुचि, इच्छा तथा तैयारी हो तभी संकल्प लें। हरेक व्यक्ति की क्षमता, सोच, उत्साह, जोश, प्रवृत्ति, प्रकृति आदि अलग-अलग होते हैं। इसलिए अपने व्यक्तित्व को जाँचकर संकल्प लें।

जो संकल्प लिया गया हो उसके बारे में अपने दोस्तों तथा रिश्तेदारों को भी बताना जरूरी है। इससे फायदा यह होगा कि आप संकल्प पूर्ण करने में जरा भी कमजोर या निष्क्रिय दिखाई दिए तो आपके दोस्त व रिश्तेदार आपको आपके संकल्प की याद दिला देंगे।

बड़े काम तभी संभव हो पाते हैं, जब उन्हें पूरा करने में हम पूरी दृढ़ता के साथ पूरी शक्ति, उमंग, जोश तथा ऊर्जा के साथ लग जाते हैं। यदि हमारी मनःस्थिति ढुलमुल रही या हम 'हां-ना' के जाल में फंसे रहे तो एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकते। काम छोटा हो या बड़ा, उसे पूरा करने के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

Carrer Guidance
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जीवन को अर्थवान बनाने के लिए कई लोग तरह-तरह के संकल्प लेते हैं। इससे उनके जीवन का लक्ष्य तय होता है। प्रसिद्ध विचारक स्वेट मॉर्डेन ने अपनी पुस्तक में लिखा है,'ऐसा व्यक्ति कठिनाई से मिलता है, जो विश्वासपूर्वक यह कह सके कि मैं करूंगा। जो कार्य मुझे करना चाहिए मैं उसे करता हूं, जो कार्य मैं कर सकता हूं, वह मुझे करना चाहिए। भगवान की कृपा से मैं ऐसे कार्य अवश्य पूरे करूंगा। मैंने परम पिता परमेश्वर के सम्मुख प्रण लिया है कि मैं इसे अवश्य पूर्ण करूंगा।' व्यक्ति इस आधार पर अपना संकल्प तय कर ले तो उसमें जो आत्मविश्वास एवं दृढ़ता आएगी, उससे उसके संकल्प के पूरा होने में कोई संदेह नहीं रहेगा।

किसी भी संकल्प को लेने से पहले सबसे ज्यादा जरूरी है कि बिलकुल शांत तथा एकाग्र हो जाएं। फिर अपनी तमाम शक्तियों या क्षमताओं तथा कमजोरियों का पूरा आकलन करें। इसमें अपनी रुचि को सर्वोच्च स्थान दें। ऐसा करने से आपको अपनी सीमाओं का पता चल जाएगा और आप अपनी हद में रहकर संकल्प ले सकेंगे। 

यदि ऐसा नहीं किया गया तो संकल्प अति उत्साह या आवेग में लिया हुआ होगा, जिसका ज्वार बहुत जल्दी उतर जाता है। ऐसे में व्यक्ति का संकल्प भी धरा-का-धरा रह जाता है। इसका असर इतना विपरीत होता है कि व्यक्ति निराश एवं हताश हो जाता है, जिससे उसके दूसरे कार्य भी बिगड़ जाते हैं। उसका संपूर्ण व्यक्तित्व नकारात्मक दिशा में जा सकता है।