Wednesday, 11 January 2012

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु' योग और आदत स्वास्थ के लिए जरूरी आदतों से छुटकारा पाना


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जरूरी नहीं कि आप बुरी आदतों के शिकार बन गए हों और आप उन्हें छोड़ना चाहते हों। अच्छी आदतें भी नुकसान पहुंचाने वाली सिद्ध हो सकती है या कहें कि किसी भी प्रकार की आदत या लत का होना ही नुकसानदायक है।

तंबाखू और शराब के नशे के चलते व्यक्ति अति भोजन, तनाव, कुंठा, अवसाद, निराशा और नकारात्मक विचार से ग्रस्त हो जाता है। नकारात्मक विचार से जिंदगी में सबकुछ नकारात्मक ही होने लगता है। योग कहता है जैसी मति वैसी गति तो मति को बदलो।

मन और भावनाओं पर विजय प्राप्त करने में योग के अतिरिक्त इस संसार में दूसरी किसी तकनीक से मदद नहीं मिल सकती। अपनी खोई हुई आत्मशक्ति को पुन: प्राप्त करने में योग एक रामबाण औषधि का कार्य करता है।

चित्त से चिपकती आदतें : ‍हमारे मन या चित्त पर किसी भी प्रकार का आदतें चिपक सकते हैं। आदतें बनती है अभ्यास से। जैसे मंत्र जपने का अभ्यास किया तो धीरे-धीरे मंत्र जपने की आदत पड़ जाएगी। फिर जब आप मंत्र नहीं भी जप रहे होंगे तब भी आपके मन में मंत्र चलता रहता है। तब सिद्ध हुआ की दोहराव से आदतों का जन्म होता है।

यदि शराब पीने का अभ्यास किया है तो शराब एक आदत बन जाएगी और यदि दुखी रहने में आनंद को ढूंढा तो जब दुख नहीं होगा तब भी व्यक्ति स्वयं को दुखी ही महसूस करेगा। सब कुछ आदतों का खेल है और आदतें जन्मती है अभ्यास या दोहराव से। मन तो किसी भी अच्छी और बुरी बातों को पकड़ना जानता है।

कैसे छोड़े आदतें :

1.संकल्प प्रणायाम : सर्वप्रथम संकल्प लें कि आदतें छोड़ना है। फिर प्रणायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। जब भी आपकी तंबाखू खाने, शराब पीने या नकारात्म विचार सोचने की इच्छा या क्रिया शुरू होती है तब आपके श्वासों की गति बदल जाती है। यदि आप इस पर ध्यान देगें तो जल्द ही समझ जाएंगे की प्रणायाम कितना जरूरी है। क्रोध आता है तब श्वासें तेज चलने लगती है और उसी वक्त आप जोर से सिर्फ एक बार भ्रस्त्रिका कर लेते हैं तो क्रोध तुरंत ही तिरोहित हो जाता है।

2.रिवर्स गियर्स : जिस तरह क्रमश: आदतों को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है उसी तरह क्रमश: उन्हें जीवन से अलग किया जा सकता है। मान लो कि आप पहले एक दफे तंबाखू खाते थे और फिर अब चार दफे तो तीन, दो और पुन: उसे एक दफे पर लाकर छोड़ दें। यह बहुत आसान है।

3.योग पवित्रता : आप पवित्रता के बारे में सोचे और सोचे कि क्यों आप अपने शरीर और मन को अपवित्र रखना चाहते हैं। पवित्रता सभी धर्मों का मूल है जिसे योग में शौच कहा जाता है। जब भी नकारात्मक विचार आएं आप तुरंत ही एक अच्छा विचार भी सोचे और इस तरह अच्छे विचार की आदत डालें। यदि आप निरंतर योग आसन और प्रणायाम, करते हैं तो यह बहुत आसान होगा।

4.अंतत: आदमी आदतों का पुतला है। चित्त पर किसी भी प्रकार की अच्छी और बुरी आदतों का जाल नहीं होगा तो चित्त निर्दोष और निर्मल रहेगा, जिससे शरीर और मन दोनों ही स्वस्थ्‍य अनुभव करेंगे। तो ध्यान दें अपने खान-पान, अपने व्यवहार और अपने विचार पर। तीनों को ही शुद्ध और बुद्ध बनाने का प्रयास करें। इनके शुद्ध होने से सेहत और खुशी दोनों ही आपको मिलेगी।

मकर संक्रांति का संदेश! मकर संक्रांति : सूर्य, पतंग और तिळ-गुड

 
मकर संक्रांति,
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हमारे देश में अधिकांश त्योहार महज रूढ़ियों और परंपराओं से जुड़े न होकर उनके पीछे ज्ञान, विज्ञान, कुदरत स्वास्थ्य और आयुर्वेद जैसे तमाम मुद्दे जुड़े हैं। मसलन 'मकर संक्रांति' को ही लें - पौष मास में सूर्य के मकर राशि में (तय तारीख के मुताबिक 14 जनवरी) प्रवेश के साथ मनाया जाता है। 

यूं तो सूर्य साल भर में 12 राशियों से होकर गुजरता है। लेकिन इसमें भी 'कर्क' और 'मकर' राशि में इसके प्रवेश का विशेष महत्व है। क्योंकि मकर में प्रवेश के साथ सूर्य 'उत्तरायण' हो जाता है। जिसके साथ बढ़ती गति के चलते दिन बड़ा तो रात छोटी हो जाती है। जबकि कर्क में सूर्य के 'दक्षिणायन' होने से रात बड़ी और दिन छोटा हो जाता है। 

पुराणों के मुताबिक 'उत्तरायण' का विशेष महत्व है और इस दौरान आई मृत्यु में 'मोक्ष' की प्राप्ति होती है। यही वजह रही कि महाभारत के युद्ध में भीष्म पितामह ने शरशय्या पर सूर्य के उत्तरायण होने तक इंतजार किया था।

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'मकर संक्रांति' यानी प्रकाश पर अंधकार के विजय का पर्व। मानवीय जीवन जो प्रकाश और अंधकार से घिरा है। अंधकार से प्रकाश को जाने के इस संक्रमण का दौर अज्ञान के अंधेरे में घिरे मानवी मन को ज्ञान के प्रकाश से निखार देता है। 

आप जरा इसके व्यावहारिक नजरिए पर गौर करें - ग्रामीण कहावत के मुताबिक 'धन के पंद्रह, मकर पच्चीस चिल्ला जाड़े दिन चालीस।' जाड़ा पूरे चालीस दिन का होता है। जिसमें से सूर्य के धनु राशि में रहते पंद्रह दिन ठंड अपने पूरे शबाब पर होती है। 

सूर्य के उत्तरायण होते ही दिन बड़ा होने के साथ कुदरत भी राहत महसूस करती है। वहीं तिळ-गुड आपस में मेलजोल बढ़ाने के साथ आपसी बैर-भाव भूल कर प्यार और सुलह का निर्माण करने का संदेश देता है क्योंकि मीठा बोलने से दिल खुश और सोच सकारात्मक होती है। 

कार्यकर्ता ही कांग्रेस की असली ताकत:मुख्यमंत्री हुड्डा

सिरसा -  हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस का असली मालिक उसका कार्यकर्ता है और कार्यकर्ताओं ने हमेशा कांग्रेस को मजबूत करने का कार्य किया। वे आज कांग्रेस भवन में कांग्रे्रस कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे। 
उन्होंने कहा कि रतिया उपचुनाव ने देश में विकास की एक नई गति का रास्ता दिखाया है और यह तय किया है कि पूरे देश में कांग्रेस की लहर है। रतिया जीत की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा कि यहां के कार्यक्र्ताओं ने रतिया में अनथक मेहनत की थी। उन्होंने विपक्ष के नेता ओमप्रकाश चौटाला के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि रतिया का चुनाव साधारण नहीं है तथा यहां से जिस पार्टी की जीत होगी अगली सरकार उसी पार्टी की बनेगी। उन्होंने कहा कि चौटाला के बयान से ही स्पष्ट है कि हरियाणा में तीसरी बार कांग्रेस की सरकार बनेंगी। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में चुनाव है तथा पंजाब बिल्कुल पड़ोसी राज्य हैं अत: सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर कार्य करें और कांग्रेस को विजयी बनाने का काम करे।                  उन्होंने कहा कि आज वे यहां बाबा प्रीतम सिंह के श्रद्धाजंलि समारोह में आए थे लेकिन उन्हें पता चला कि कांग्रेस भवन में वर्कर मीटिंग है। उन्होंने कहा कि यह सूचना पाकर मैं कांग्रेस भवन में आना अपना दायित्व समझता हूं क्योंकि कांग्रेस में मेरा पूरा खानदान रहा है। कांग्रेस भवन पहुंचने पर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान मलकीयत सिंह खोसा के अलावा प्रदेश प्रतिनिधि होशियारी लाल शर्मा ने मुख्यमंत्री हुड्डा व सांसद अशोक तंवर को चांदी की गदा भेंट कर उनका स्वागत किया वहीं ब्लाक कांग्रेस के शहरी प्रधान भूपेश मेहता ने मुख्यमंत्री श्री हुड्डा को शॉल उढाकर सम्मानित किया।हुड्डा ने जिला कांग्रेस का नए वर्ष का कैलेंडर का उदघाटन किया।             
डा. तंवर ने कहा कि रतिया जीत कार्यकत्र्ताओं की मेहनत का नतीजा है। संसद के शीतकालीन सत्र में रतिया में कांग्रेस की जीत की चर्चाए रही। उन्होंने कहा कि जब-जब भी कांग्रेस कार्यकत्र्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन कर चुनाव लड़ा, वहां जीत दर्ज की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पांच राज्यों के आसन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जबरदस्त लहर है। कार्यकत्र्ता पंजाब,उतराखंड व उत्तरप्रदेश के चुनाव में अपनी-अपनी महती भूमिकाएं निभाएं। उन्होंने कहा कि जहां की कार्यकत्र्ताओं की रिश्तेदारियां है, वहां जाकर चुनाव में कांग्रेस की महबूती के लिए काम करें। सांसद तंवर ने सभी को नववर्ष की बधाई दी और रतिया के बाद पांच राज्यों को अगला मिशन बनाने की अपील की। 
पूर्व सांसद रणजीत सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यहां हरियाणा में कांग्रेस मजबूत हो रही है वहीं पांच राज्यों में यहां के कार्यक्र्ता जाकर कांग्रेस को विजयी बनाएंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जसबीर सिंह रियाड़ ने भी कार्यकर्ताओं से पांच राज्यों में कांग्रेस को विजयी बनाने का आहवान किया। मंच का संचालन नवीन केडिया ने किया। इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा, मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल, पूर्व विधायक मनीराम केहरवाला, होशियारी लाल शर्मा, भूपेश मेहता, लादूराम  पूनिया, सतपाल मेहता, ओमप्रकाश केहरवाला, शीशपाल केहरवाला, मोहन लाल डरोलिया, नवीन केडिया, कृष्णा पूनिया, ऊषा दहिया, हरीश सोनी, ओपी एंथोनी, राजेश वैद,डा़ सुभाष जोधपुरिया, ब्रहमानंद शर्मा सहित अनेक कांग्रेसकार्यक्र्ता मौजूद थे।

Tuesday, 10 January 2012

लोहड़ी का त्यौहार बड़े ही उत्साह से मनाया



 लोहड़ी का त्यौहार पुरे उत्तर भारत में १३ जनवरी को बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है,लेकिन सिरसा की महिलाओ की समिति ने लोहड़ी के इस त्यौहार को  सिरसा में अपने ही  अंदाज़ से मनाया.लोहरी के इस कार्यक्रम में महिलाओं के साथ साथ बच्चो ने भी खूब मज़ा लिया.









 लोहड़ी का त्यौहार पुरे उत्तर भारत में १३ जनवरी को बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है,लेकिन सिरसा की महिलाओ की समिति ने लोहड़ी के इस त्यौहार को  सिरसा में अपने ही  अंदाज़ से मनाया.लोहरी के इस कार्यक्रम में महिलाओं के साथ साथ बच्चो ने भी खूब मज़ा लिया.



                                 लोहड़ी के इस कार्यक्रम का आयोजन सिरसा की महिला समिति द्वारा किया गया जिसमे काफी संख्या में महिलाओं और बच्चो ने हिस्सा लिया .इस कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चो के मनोरंजन के लिए कई गेमो का आयोजन भी किया गया.गेमो में तम्बोला,म्यूजिकल चेयर,व् कई रोमांचक गेमो को शामिल किया गया.कार्यक्रम में महिलाए पंजाबी गीतों की धुनों पर खूब नाची वही गेमो में विजेता रहने वालो को पुरूस्कार स्वरुप उपहार भी दिए गए.

Monday, 9 January 2012

‘फैमिली गेट टू गैदर

हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ·ी ओर से 14 जनवरी, शनिवार ·ो सुरखाब पर्यटन स्थल, सिरसा में लोहड़ी एवं म·र स·्रांति ·े उपलक्ष्य में ‘फैमिली गेट टू गैदर’ ·ार्य·्रम आयोजित ·िया जाएगा। इस अवसर पर पत्र·ारों ·े अलावा शहर ·ी जानी मानी हस्तियां अपने परिवार सहित शिर·त ·रेंगी। यह जान·ारी देते हुए यूनियन ·े जिलाध्यक्ष अरुण भारद्वाज व जिला महासचिव धीरज बजाज ने बताया ·ि यह ·ार्य·्रम आपसी भाईचारे ·ो बढ़ावा देने व तनाव ग्रस्त माहौल ·ो मिटाने ·े लिए ·िया जा रहा है। उन्होंने बताया ·ि इस समारोह ·ा मुख्य म·सद जहां पत्र·ारों ·े परिवारों ·ो आपस में रू-ब-रू ·रवाना है वहीं समारोह ·े दौरान उनमे छिपी प्रतिभा ·ो भी ए· मंच प्रदान ·रना है। उन्होंने बताया ·ि यूनियन ·ी और से हमेशा ऐसे ·ार्य·्रम आयोजित ·िए जाते है। उन्होंने बताया ·ि इस मौ·े पर पारिवारि· माहौल में क्विज प्रतियोगिताएं व अन्य रोच· जैसे तंबोला, म्यूजि·ल चेयर आदि होंगे। वहीं इस ·ार्य·्रम में पंजाबी सभ्याचार· मेला, मशहूर ·ला·ार संजीव शाद व पंजाबी संगीत·ार रविंद्र नूर अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगे।

सिरसा में एनएसएस ·7 सात दिवसीय शिविर

सिरसा, -राज·ीय माडल संस्·ृति वरिष्ठ माध्यमि· विद्यालय सिरसा में एनएसएस ·े सात दिवसीय शिविर ·े तीसरे दिन एनएसएस यूनिट ए· व दो ·े स्वयं सेव·ों ने  ईश्वर स्तुति ·े साथ शुरूआत ·ी। 12 वीं ·े छात्र संदीप ने सभी स्वयं सेव·ों ·ी तरफ से विश्व शांति ·ी प्रार्थना ·ी तथा इस·े बाद गूंजे गगन में, मह·े पवन में सदभावना  नाम· गीत प्रस्तुत ·िया। विद्यालयों में पौधारोपण ·ा ·ार्य ·िया गया तथा पौधों ·ी देखभाल ·े लिए विशेष सफाई अभियान चलाया गया। विद्यालय ·े प्राचार्य नरेश सिंगला ने ·हा ·ि स्वच्छ वातावरण व शुद्ध  पर्यावरण ही मनुष्य ·े अस्तित्व ·ो बचा स·ता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पेड पौधों ·ो लगाना चाहिए और उन·ी रक्षा ·रनी चाहिए। भोजन उपरांत स्वयं सेव·ों ने विद्यालय ·ैंपस ने पानी ·ी टं·ी ·ो साफ ·िया। शिविर  प्रभारी अरविंद शर्मा व देवेंद्र शर्मा ने स्वयं सेव·ों जल संरक्षण ·ा सं·ल्प दिलाया। शिविर में विशेष जान·ारी देने ·ी ·डी में सुनील ·ुमार प्रवक्ता राजनीति शास्त्र ने स्वयं सेव·ों ·ो मौलि· अधि·ारों ·ा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उपयोग विषय पर जान·ारी दी। इस अवसर पर महेंद्र मेहता, ओपी सचदेवा, दर्शन शर्मा व अन्य अध्याप· भी मौजूद थे।

दुनिया खत्म होने की आशंका के बीच मनाया नववर्ष 2012 में दुनिया खत्म हो जाने की आशंका


विश्व भर के अवाम ने पर्थ से लेकर वॉशिंगटन तक अलग-अलग समय पर अपने अपने अंदाज में बाहें फैलाकर जश्न मनाकर 2012 के उस वर्ष का स्वागत किया जिसमें दुनिया के खत्म हो जाने की आशंकाएं लंबे वक्त से की जाती रही हैं।

पृथ्वी के सुदूर पूर्व में स्थित देशों ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण प्रशांत में पड़ने वाले टापू देशों ने वर्ष 2012 का सबसे पहले स्वागत किया। जैसे-जैसे रात की खामोशी के बीच वक्त सरकर पश्चिम के देशों की ओर बढ़ रहा था वैसे-वैसे आसमान में रंगीन आतिशबाजी से उसका स्वागत किया गया। विश्व के 2012 में खत्म हो जाने की आशंकाएं पुराने समय से आस्तित्व में रही हैं।

माया सभ्यता के अनुसार 21 दिसंबर 2012 को पूरा विश्व एक जलजले में खत्म हो जाएगा। माया सभ्यता में मान्यता थी कि दुनिया 5125 वर्ष पुरानी है और 21 दिसंबर को कुछ ऐसा बड़ा होगा जो इस दुनिया के अंत का सबब बनेगा। लातिन भविष्यवक्ता नास्त्रेदामस ने भी 500 वर्ष पहले कुछ ऐसी ही भविष्यवाणी की थी। हालांकि ऐसा लग रहा था कि दुनिया के खत्म होने की आशंकाओं के बीच लोग जिंदगी का जश्न मना लेना चाहते हों।

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ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर पर जहां बादलों का आकार लिए हुए आतिशबाजी और उसके बीच में सिडनी ब्रिज को इंद्रधनुष जैसा जगमगा कर नववर्ष का जश्न मनाया गया, वहीं भयंकर राजनीतिक उथल-पुथल के केंद्र में चल रही रूस की राजधानी मास्को के आसमान पर सुर्ख आतिशबाजी ने जगह ली। 

अमेरिका में न्यूयॉर्क के टाइम्स स्कावयर पर भी हजारों लोग बीते वर्ष को विदाई देने के लिए जमा हुए थे। कई न्यूयॉर्क वासी शनिवार सुबह से ही पार्टी में पहनी जाने वाली टोपियां और 2012 के चश्मे लगाकर घूमते देखे गए थे।

न्यूयार्क का मौसम भी आम दिनों के मुकाबले काफी खुशनुमा और गर्म था। चीन की संवाद एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर एक बड़ी संख्या में इंटरनेट उपभोक्ताओं ने इंटरनेट की मदद से दुनिया के अंत जैसे विषयों पर सर्च किया। 

हालांकि दुनिया के खत्म होने की इस अटकलबाजी के बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (नासा) ने इस बारे में लोगों का भय दूर करते हुए कहा कि दुनिया को 2012 में कुछ भी नहीं होने जा रहा है।